“जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी।”
“दुर्लभं भारते जन्म मानुष्यं तत्र दुर्लभम्।”
मैं Ranjit Kumar अपनी जन्मभूमि भेलूविगहा, हिसुआ, नवादा, बिहार को प्रणाम करके दिल की बात सबो से कहना चाहता हूँ। इस संकट की घड़ी में मुझे सेवा करने के लिए ही ईश्वर ने क़रीबन 04 महीने से भारत में रहने का अवसर प्रदान किया है। मेरा प्रोफेशनल जीवन अलग अलग देशों में घूमने में व्यतीत होता था। एक महीने में करीब 04 से 05 देश का टूर हो ही जाता था लेकिन क़रीब 04 महीने से मैं अपने परिवार के सदस्यों के साथ भारत में ही हूँ। मैं इसके लिए अपने कुलदेवता ग्रामदेवता को रोज़ प्रणाम करते हूए धन्यवाद करता हूँ।
मेरे परिवार के द्वारा एक सेवा का माडल बनाया गया है और इसपर कार्य चल रहा है। जो भी सदस्य इस सेवा अभियान से जुड़ना चाहते हैं, वे मुझे मैसेज कर सकते हैं। अपना नाम, गाँव का पता, और इस कार्य से जुड़ने के लिए अपना कमीटमेंट दें। शुरुआत में यह कार्य केवल अपने गाँव में ही करना है। मेरा मानना है कि गाँव में सब्ज़ी का इंतज़ाम हो जाता है और अगर चावल, कुछ आलु और नमक का इंतज़ाम कर दिया जाय तो भुख मिटाई जा सकती है। सेवा का माडल इस प्रकार से है :-
01. हमलोग #नवादा के हर गाँव में आर्थिक रूप से ग़रीबों के लिए सेवा करेंगे। यह माडल केवल गाँव के लिये है।
02. शुरुआत में गाँव के आर्थिक रूप से पिछड़ा परिवार की सूची बनाना और 05 किलो प्रति परिवार के अनुसार चावल के ज़रूरत का खाका बनाना। यह काम गाँव के हमारे वोलेंटियर करेंगे। जो कि इस समाजसेवा के हेतु अपना योगदान देने की बात किए हैं। प्रारंभ में सामग्री का वितरण भेलूविगहा पंचायत से शुरू किया गया है। इसमें 05 किलो चावल, आलु और नमक रहेगा। अपने योद्धा तैयार रहेंगे तो यह कार्य और पंचायत में शुरू किया जाना है।
03. गाँव के ही किसानों से चावल लेकर उनको उचित दाम दिया जायेगा। अगर गाँव में चावल नहीं मिल पाता है तो इसे पास के शहर से ख़रीददारी करना होगा।
04. ख़रीदे हूए कच्चा अनाज को स्वयंसेवी नौजवानों (गाँव के द्वारा चुने गये योद्धा) के जरिए 05 किलो चावल का पोटली बनाकर लोगों को एक नियत स्थान से सोशल डिसटैंसिंग को ध्यान में रखते हुए दिया जायेगा।
05. इस तरह से पहले खेप के वाद हमलोग सभी चिंहित परिवारों से फ़ीडबैक लेकर आगे की खेप की तैयारी करके पुन: सहायता पहुँचाने का काम करेंगे।
06. नवादा ज़िला के लोगों के लिए यह कार्य शुरू करने का विचार है। यदि हमारे नौजवान / योद्धा निःसंकोच निःस्वार्थ भाव से काम करेंगे। इस दौरान अपना फ़ोटो, विडीयो नहीं बनायेगें।
07. सरकार के द्वारा चलाये जा रहे नियमों का पालन करना होगा जैसे भीड़ इकट्ठा नहीं करना है, 06 फ़ीट की दूरी बनाकर रखना है।
08. एक बार फिडवैक मिलने के बाद इस पर विचार करके हम पुन: और सुधार कर दूसरे खेप के लिए मदद की योजना बनाकर कार्य करेंगे।
2010 से अपने #नवादा क्षेत्र में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव है। इस संकट की घड़ी में आर्थिक रूप से परेशान परिवार के लिए मदद करने की योजना पर कार्य कर रहा हूँ। सभी वोलैंटियरस को इस सेवा कार्य की समाप्ति के बाद #WHOPWS के तरफ़ से एक सर्टिफिकेट भी दिया जायेगा। जो भी समाजसेवी इस कार्य में आगे आना चाहते हैं वे कृपा कर अपना Whatsapp नम्बर मैसेज करें। हमारे सहयोगी आपसे संपर्क करेंगे। आप अपना भी राय दें और इस मुहीम से जुड़ने के लिये मदद करें।
धन्यवाद...
आपका अपना
रणजीत कुमार
जय जननी। जय भारत। जय बिहार।
जय नवादा। जय हिसुआ। जय भेलूविगहा